बेवफा शायरी || Bewafa Sad Heart Touching Shayari | very very sad ,bewafa shayari, Hindi, Latest Best Hindi Bewafa Shayari Collection, firstlovers.in
Spread the love

कितना बेबस है इंसान किस्मत के आगे;

 कितना दूर है ख्वाब हकीकत के आगे;

कोई रुकी हुई सी धड़कन से पूछे;

 कितना तड़पता है यह दिल मोहब्बत के आगे।


 

भले ही राह चलतों का दामन थाम ले,

मगर मेरे प्यार को भी तू पहचान ले,

 कितना इंतज़ार किया है तेरे इश्क़ में,

ज़रा यह दिल की बेताबी तू भी जान ले।


पत्थर की दुनिया जज़्बात नही समझती,

 दिल में क्या है वो बात नही समझती,

तन्हा तो चाँद भी सितारों के बीच में है,

 पर चाँद का दर्द वो रात नही समझती,


 

फरेब थी हँसी उनकी हम आशिकी समझ बैठे,

मौत को ही हम अपनी ज़िंदगी समझ बैठे,

वो वक़्त का मज़ाक था या हमारी बदनसीबी,

 जो उनकी दो बातों को मोहब्बत समझ बैठे।


कभी करीब तो कभी जुदा थी तू,

जाने किसकिस से खफा है तू,

 मुझे तो तुझ पर खुद से ज्यादा यकीन था,

 पर जमाना सच ही कहता था कि बेवफा है तू।


 मोहब्बत के बिना रवानी क्या होगी !

 मोहब्बत नहीं तो कहानी क्या होगी !

आग का दरियाहो या प्यार की कश्ती !

मोहब्बत नहीं तो जिंदगानी क्या होगी !!


बेवफ़ाई के फसाने भी क्या खूब सितम किया करते है

हस्ती हुई आंखों तले आंसुओं के सैलाब उमड़ जाया करते हैं

काश वो बेवफा समझ पाते मेरी मोहब्बत की वफाओ को बस,

यही झूठे अरमान दिल में जगा कर जिया करते है,


 

प्यार मोहब्बत का सिला कुछ नहीं,

एक दर्द के सिवा मिला कुछ नहीं,


 सारे अरमान जल कर ख़ाक हो गए,

 लोग फिर भी कहते हैं जला कुछ भी नहीं .


वफ़ा का लाज हम वफा से निभायेगें !

 चाहत के दीप हम आँखों से जलाएंगे !

कभी जो गुजरना हो तुम्हें दूसरे रास्तों से !

हम फूल बनकर तेरी राहों में बिखर जायेंगे !!


चीज़ बेवफ़ाई से बढ़कर क्या होगी;

 ग़महालात जुदाई से बढ़कर क्या होगी;

 जिसे देनी हो सज़ा उम्र भर के लिए;

 सज़ा तन्हाई से बढ़कर क्या होगी।


 याद करते है तुम्हे तनहाई में,

 दिल डूबा है गमो की गहराई में,

हमें मत ढूंढना दुनिया की भीड़ में,

हम मिलेंगे में तुम्हे तुम्हारी परछाई में।


आशिक पागल हो जाते हैं प्यार में,

 बाकी कसर पूरी हो जाती है इंतज़ार में,

मगर ये दिलरुबा नहीं समझती,

 वो तो गोल गप्पे और पपड़ी खाती फिरती है बाज़ार में


आरजू नहीं के ग़म का तूफान टल जाये,

फ़िक्र तो ये है तेरा दिल बदल जाये,

 भुलाना हो अगर मुझको तो एक एहसान करना,

दर्द इतना देना कि मेरी जान निकल जाये!!


लिखूं कुछ आज यह वक़्त का तक़ाज़ा है,

 मेरे दिल का दर्द अभी ताज़ा ताज़ा है,

गिर पड़ते हैं मेरे आँसू मेरे ही काग़ज़ पर लगता है,

 कलम में स्याही का दर्द ज़्यादा है!!


 

हमारा हर लम्हा चुरा लिया आपने!

आँखों को एक चाँद दिखा दिया आपने!

 हमें जिन्दगी तो दी किसी और ने!

पर प्यार इतना देकर जीना सिखा दिया आपने..


 

अपनों से दूर है अपनों की तलाश ,

 ज़िन्दगी से दूर है ज़िन्दगी की तलाश ,

 मैं अपने आप को कभी समझ नहीं पाया ,

कि मैं जी रहा हूँ ज़िन्दगी या हूँ एक जिंदा लाश…..!!


 

मैं वही हूँ जो कहता था कि,

इश्क में क्या रखा है, पर,

 आजकल एक पगली की मोहब्बत ने,

 मुझे पागल बना रखा है!!


 

देख मेरी आँखों में ख्वाब किसके हैं,

 दिल में मेरे सुलगते तूफ़ान किसके हैं,

 नहीं गुज़रा कोई आज तक इस रास्ते से हो कर,

फिर ये क़दमों के निशान किसके हैं।


 

दिल टूटा तो एक आवाज आई!

चीर के देखा तो कुछ चीज निकल आई!

 सोचा क्या होगा इस खली दिल में!

लहू से धो कर देखा, तो तेरी तस्वीर निकल आई!


 

दिल पे क्या गुज़री वो अनजान क्या जाने;

 प्यार किसे कहते है वो नादान क्या जाने;

 हवा के साथ उड़ गया घर इस परिंदे का;

 कैसे बना था घोसला वो तूफान क्या जाने.,


 

वफा कहने से मुकर गया है दिल,

अब प्यार करने से डर गया है दिल,

अब किसी सहारे की बात मत करना,

 झूठे दिलासो से भर गया है अब ये दिल।


आज उनकी वफा को बेवफा बताकर आए हैं,

उनकी यादों को पानी में बहाकर आए हैं,

कोई पानी से निकाल कर उन्हें पढ़ ले,

 इसलिए पानी में भी आग लगाकर आए हैं


निकले थे इसी आस पे कि किसी को अपना बना लेंगे;

एक ख्वाहिश ने उम्र भर का मुसाफिर बना दिया


जो मेरा था वो मेरा हो नहीं पाया;

आँखों में आंसू भरे थे पर मैं रो नहीं पाया;

 एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि;

 हम मिलेंगे ख़्वाबों में पर मेरी बदकिस्मती तो देखिये;

 उस रात तो मैं ख़ुशी के मारे सो भी नहीं पाया।


जो मेरा था वो मेरा हो नहीं पाया;

 आँखों में आंसू भरे थे पर मैं रो नहीं पाया;

एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि;

 हम मिलेंगे ख़्वाबों में पर मेरी बदकिस्मती तो देखिये;

उस रात तो मैं ख़ुशी के मारे सो भी नहीं पाया।


 

बेवफा थाम ले मुझको मजबूर हूँ कितना,

 मुझको सजा दे मैं बेकसूर हूँ कितना

तेरी बेवफ़ाई ने कर दिया है मुझे पागल,

 और लोग कहतें हैं मैं मगरूर हूँ कितना। 


लग गई बददुआ हमे गुलाबों 🌹 की,

 जिनको हमने तुम्हारी खातिर तोड़ा था..


वो निकल गए मेरे रास्ते से इस कदर कि,

जैसे कि वो मुझे पहचानते ही नहीं,

 कितने ज़ख्म खाए हैं मेरे इस दिल ने,

 फिर भी हम उस बेवफ़ा को बेवफ़ा मानते ही नहीं।


प्यार किया बदनाम हो गए,

 चर्च हुए बदनाम हो गए,

 उस जालिम ने हमें छोडा ,

 भी तो कब जब हम उसके गुलाम हो गए |


आशियाँ बस गया जिनका, उन्हें आबाद रहने दो,
पड़े जो दर्द 💔भरे छाले, जिगर में यूँ ही रहने दो,
कुरेदो ना मेरे दिल को, ये अर्जी है जहां वालों,
छिपा है राज अब तक जो, राज को राज रहने दो।


आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की……!!

लम्हें तो अपने आप ही मिल जाते हैं,

कौन पूछता है पिंजरे में बंद पंछियों को,

याद वही आते है जो उड़ जाते है…!!


तुम्हारे प्यार में हम बैठें हैं चोट खाए!
जिसका हिसाब न हो सके उतने दर्द पाये!
फिर भी तेरे प्यार की कसम खाके कहता हूँ!
हमारे लब पर तुम्हारे लिये सिर्फ दुआ आये!


जो मेरा था, वो मेरा हो ना पाया;

आँखों मे आंसू थे, पर रो ना पाया;

एक रोज़ उसने कहा, हम मिलेंगे ख्वाबो मे;

और मेरी किस्मत तो देखो, उसी रात मे सो ना पाया।


Leave comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *.